Friday, April 3, 2020

सड़क बंद तो जंगल के उस रास्ते से आवाजाही कर रहे हैं लोग, जहां से नक्सली गुजरते हैं

https://ift.tt/39II4Sp

छत्तीसगढ़ में कोरोनावायरस का असर वैसा नहीं हुआ, जैसा दूसरे राज्यों में है। इसका बड़ा कारण है- समय रहते कदम उठाना और सख्ती से बाहर से आने वाले लोगों पर पाबंदी लगाना। लाॅकडाउन के बाद छत्तीसगढ़ की सीमाओं को फौरन सील किया गया। जो लोग गाड़ियों से आ रहे हैं, उन्हें सीमा पर रोक लिया गया।

लेकिन इसके बाद भी कुछ लोग बाहर से खतरा लेकर प्रदेश आ रहे हैं। ये लोग नावों के जरिए नदी पार कर रहे हैं या फिर जंगल के रास्ते से छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर रहे हैं। कुछ लोग जान को जोखिम उठाकर यहां पहुंच रहे हैं। एेसे लोगों की न तो स्क्रीनिंग हो पा रही है और न ही कोई जांच। आखिर बॉर्डर पर क्या हालात हैं और कैसे कुछ लोग दूसरे रास्तों से प्रदेश में आ-जा रहे हैं। पढ़िए भास्कर की इस ग्राउंड रिपोर्ट में...

रिपोर्ट-1: झारखंड और यूपी बॉर्डर पर लोग अंधेरे में नदी पार कर रहे
छत्तीसगढ़ के उत्तरी इलाके में झारखंड-यूपी से सीमा लगती हैं। यहां पुलिस की कड़ी पहरेदारी है। लेकिन लोग जान-जोखिम में डालकर नदी और जंगल से बॉर्डर पार कर रहे हैं। झारखंड बॉर्डर पर रामानुजगंज और यूपी बॉर्डर के धनवार बैरियर पर पुलिस की टीमें 24 घंटे तैनात हैं। भीड़ भी लग रही है, पुलिस के डंडे भी चल रहे हैं।

रिपोर्ट-2: मप्र बॉर्डर पर सख्ती, लोग जंगल के रास्ते पहुंच रहे
मप्र बार्डर पर काफी सख्ती है। वजह- मप्र में लगातार मामले बढ़ना। 10 दिन में 518 लोगों को यहां आने की अनुमति मिली है। कवर्धा के सबसे आखिरी हिस्से धवनईपानी मप्र के मंडला से जुड़ा है। यहां जवान लगातार ड्यूटी कर रहे हैं। इसे अतिसंवेदनशील इलाका माना जा रहा है। यहां भी जंगलों के बीच से कुछ रास्ते हैं, लेकिन इक्का-दुक्का लोग ही आ-जा रहे हैं।

रिपोर्ट-3: ओडिशा और तेलंगाना के लोग नाव से बॉर्डर पार कर रहे
बस्तर से ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र की सीमाएं जुड़ती हैं। आंध्र के चिड़मूर और ओडिशा के मोटू व चांदली इलाके में सड़क पर बैरिकेड हैं, लेकिन लोग दूसरे रास्तों से आना जाना कर रहे हैं। ये रास्ते आमतौर पर गांजा तस्कर या नक्सलियों का रूट होते हैं। कोंटा में छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर शबरी नदी में नावों के जरिए लोग बॉर्डर पार कर रहे हैं। कई लोग नदी तैरकर भी पार करते दिखे।


रिपोर्ट-4: महाराष्ट्र बॉर्डर पर 700 लोगों को रोका, इमरजेंसी में परमिट
देश में कोरोना के सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र में हैं। यही कारण है कि राजनांदगांव बॉर्डर के पास हाई अलर्ट है। पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है। बहुत ही आवश्यक हो, तो ही परमिट दी जा रही है। करीब 700 लोगों को बॉर्डर के पास ठहराया गया है। चार-चार दिनों से लोग गाड़ियों में ही वक्त गुजारने को मजबूर हैं। चलित टाॅयलेट का इंतजाम किया गया है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
तस्वीर यूपी और झारखंड बॉर्डर के पास रामानुजगंज क्षेत्र की है। ये लोग नावों के जरिए नदी पार कर रहे हैं या फिर जंगल के रास्ते से छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर रहे हैं। कुछ लोग जान को जोखिम उठाकर यहां पहुंच रहे हैं।

https://ift.tt/2UER0E0

Fluent in Hiring: How Language Skills Boost Talent Acquisition Success

https://ift.tt/9GZEIQF