(संदीप काैशिक)काेराेना वायरस से जहां पूरी दुनिया में मेडिकल सुविधाओं के लिए जद्दाेजहद करनी पड़ रही है, वहीं, पंचकूला में एमडीसी सेक्टर-4 आईवीवाई प्राइवेट अस्पताल काे बंद करने की तैयारी हाे चुकी है। शुक्रवार काे स्टाफ काे कह दिया गया है कि किसी काे ड्यूटी पर नहीं आना है। स्टाफ का कहना है कि उन्हें न ताे पहले इस बारे में बताया गया और न ही नाेटिस दिया गया। अगर अब उन्हें अस्पताल में ड्यूटी नहीं करने देते ताे लाॅकडाउन में किस अस्पताल में इंटरव्यू देने जाएं। नहीं पता कि सैलरी मिलेगी भी या नहीं। अभी यहां पर 5 से ज्यादा कंसलटेंट हैं, एमओहैं, स्टाफ नर्सें हैं।
इनके अलावा पूरा करीब 200 से 250 का स्टाफ है, जिन्हें काम पर न आने के लिए कहा गया है। अस्पताल के स्टाफ के वॉट्सएप ग्रुप में असिस्टेंट मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ने मैसेज भेजा। कहा कि डियर ऑल...ऐज पर ऑर्डर फ्राेम हाइअर अथाॅर्टीज...ऑप्रेशंस ऑफ आईवीवाई पंचकूला विल बी सस्पेंडेड साे ऑप्शंस फाॅर ट्रांसफर इज देयर...एनीवन विलिंग फाेर ट्रांसफर इन अदर ब्रांचेज। दाे और मैसेज किए गए, जिसमें लिखा था-एंड प्लीज मीट टूमाेराे, एचआर हेड विल बी देयर टूमाेराे। जब इसके बाद शुक्रवार काे स्टाफ सुबह अस्पताल पहुंचा ताे उन्हें पता लगा कि अस्पताल बंद हाे रहा है और सैलरी भी मिलनी मुश्किल है। सिविल हॉस्पिटल की सीएमओडाॅ. जसजीत काैर ने कहा कि काेराेना वायरस की बीमारी के चलते एपिडेमिक हालत में अगर इसे इमरजेंसी पड़ने पर इस्तेमाल किया जाए ताे उस पर भी प्रशासन से बात करनी पड़ेगी।
काेराेना महामारी में प्रशासन कर सकता है अस्पताल काे टेकओवर
आईवीवाई अस्पताल काे काेराेना महामारी में इमरजेंसी हालाताें काे देखते हुए टेकओवर करने की प्लानिंग की जा रही है। क्याेंकि यहां पर मेडिकल सुविधा काे देखते हुए पूरा सेटअप पहले से ही लगा हुआहै। 6 से ज्यादा आईसीयू यूनिट का भी बंदाेबस्त है। कई सारे वाॅर्ड भी हैं और प्राॅपर सेटअप है। सूत्रों के अनुसार हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से भी इसे क्वारेंटाइन सेंटर बनाने के लिए प्लानिंग की जा रही है। अभी इमरजेंसी के लिए नाडा साहिब, माैली के अलावा और भी जगहाें पर काेराेना सस्पेक्टेड लाेगाें काे क्वारेंटाइन किया गया है।
लाइसेंस रिन्यू नहीं हाे रहा
हमने किसी भी स्टाफ काे निकाला नहीं है। कुछ समय के लिए टेंपरेरी शटडाउन किया जा रहा है। हमें अभी मेडिकल सुविधाएं चलाने के लिए लाइसेंस रिन्यू करवाने में प्राॅब्लम आरही है। बिना लाइसेंस के मेडिकल सुविधा नहीं दे सकते। जाे भी स्टाफ है, उन्हें पहले गलत मैसेज चला गया था। इन्हें अब हम आईवीवाई की दूसरी ब्रांचेज में ट्रांसफर कर रहे हैं।-ए दास, जीएमओ, आईवीवाई, एमडीसी सेक्टर-4
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