कोरोना के खिलाफ लड़ी जा रही जंग में जिला प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसको लेकर जिले के सभी सिविल अस्पतालों के अलावा कुछ प्राइवेट अस्पतालों में भी आइसोलेशन वार्ड तैयार किए गए हैं।
लेकिन इसी बीच कुछ प्राइवेट अस्पतालों की ओर से कोरोना पॉजिटीव या कोरोना सस्पेक्टेड मरीजों का इलाज करने के लिए साफ मना किया जा रहा था। इसे लेकर अब जिला प्रशासन की ओर से आदेश जारी किए गए हैं।
डीसी मोहाली गरीश दयालन की ओर से निर्देश जारी करते हुए कहा गया है कि जिले में कोई भी प्राइवेट अस्पताल कोरोना पॉजिटीव या कोरोना सस्पेक्टेड मरीज के इलाज के लिए मना नहीं कर सकता है।
इतना ही नहीं सभी प्राइवेट अस्पतालों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वो सरकारी अस्पतालों के रेटों के अनुसार ही कोरोना पेशेंट्स का इलाज करेंगे।पेशेंट से सरकारी अस्पतालों की तरह केवल दवाईयों तथा सिरिंज के ही पैसे चार्ज करने होंगे। इसके अलावा कोई अन्य चार्जिज मरीज से नहीं लिए जाएंगे।
इसके लिए डीसी मोहाली तथा सिविल सर्जन मोहाली डॉ. मनजीत सिंह की अगुवाई में एक स्पेशल कमेटी का गठन किया गया है जो कि जिले के सभी अस्पतालों तथा उनमें दी जानी वाली सुविधाओं का डाटा एकत्र करेगी। जिसके बाद इन अस्पतालों में कोरोना मरीजों का इलाज करने में मदद ली जाएगी।
अस्पतालों तथा उनके मिलने वाली सुविधाओं का डाटा होगा इक्ट्ठा
डीसी तथा सिविल सर्जन की अगुवाई में जिस कमेटी का गठन किया गया है वो कमेटी जिले के सभी प्राइवेट अस्पताल जो की 10 बैड से ज्यादा होंगे उनमें बैड, वेंटीलेटर, रेस्पीरेटर्स, लैरींगोस्कोप, पीपीई तथा अन्य जरूरत सामान का डाटा इक्ट्ठा करेगी ताकि जिला प्रशासन के पास जानकारी को जरूरत पड़ने पर मरीजों को कैसे हैंडल किया जाना है। इसके साथ ही कमेटी की ओर से इन अस्पतालों में इस सारे सामान की गिनती बढ़ाने के ऊपर भी विचार किया जाएगा। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए हैं कि जिला प्रशासन के अनुसार इन अस्पतालों में बैड तथा अन्य सुविधाओं को भी बढ़ाना होगा। ताकि जरूरत पढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन अस्पतालों की मदद ली जा सके।
डॉक्टर, नर्स तथा अन्य स्टाफ रखें पूरा
जिले के सभी अस्पतालों को जहां सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए कहा गया है वहीं अस्पतालों में डॉक्टर्स, नर्स तथा पैरा मैडीकल आदी स्टाफ हर समय उपलब्ध होना चाहिए। ताकि किसी भी मरीज के आने पर किसी प्रकार से भी स्टाफ की कोई कमी सामने ना आए। जिले में पढ़ने वाले प्राइवेट अस्पतालों की ओर से कोरोना पेशेंट्स का इलाज करने से साफ मना किया जा रहा था। इसको लेकर कई शिकायतें जिला प्रशासन का मिल रही थी। जिसके बाद जिला प्रशासन की ओर से जिले के सभी प्राइवेट अस्पतालों को ऐसी हिदायतें दी गई हैं।
जिले में प्राइवेट अस्पतालों में इन्फ्रास्ट्रक्चर काफी अच्छा, इसलिए ली जाएगी मदद
डीसी ने बताया कि महामारी की बढ़ौती होती है तो उसके अनुसार जनतक सेहत सुविधाएं समर्थ नहीं हैं। यहां तक की सिविल अस्पताल, जो कि मैडीकल कॉलेज के रूप में अभी अंडर कंस्ट्रक्शन है, वहां भी सिर्फ सौ बैड हैं जिसमें से 20 बैड आइसोलेशन वार्ड के लिए रखे गए हैं। जबकि वहां पर भी कोई वेंटीलेटर उपलब्ध नहीं है। वहीं प्राइवेट अस्पतालों में इंफ्रास्ट्रक्चर काफी अच्छा है। जो कि जरूरत पड़ने पर मदद करने के लिए काफी सक्षम है। इसलिए महामारी से निपटने के लिए प्राइवेट अस्पतालों से मदद लेने का फैसला लिया गया है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
https://ift.tt/2JzJNil