(संदीप काैशिक) पंचकूला सेक्टर-9 से वीरवार दोपहर एक बुजुर्ग महिला अपने 42 साल के बेटे को सेक्टर-6 सिविल हॉस्पिटल लेकर आई। बताया कि बेटे नितिन को सांस लेने में परेशानी हो रही है। हालत देखकर मरीज को पीजीआई रेफर कर दिया गया।पीजीआई के डॉक्टर्स ने यह कहते हुए मरीज को वापस भेज दिया कि यहां जगह नहीं है। इसका इलाज पंचकूला ही करवा लो। नितिन को सिविल हॉस्पिटल पंचकूला लाया गया, लेकिन यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद हेल्थ डिपार्टमेंट में हड़कंप मच गया। डॉक्टर्स की टीम ने नितिन के मरने के बाद सैंपल लिए, ताकि जान सकें कि कहीं इसे कोरोना तो नहीं हुआ था। सैंपल पीजीआई भेजे गए हैं।
एंबुलेंस से हॉस्पिटल लाए थे मरीज को
मरीज के साथ आई उसकी मां ने डाॅक्टर्स काे बताया कि बेटा पिछले करीब 5 दिन से बीमार था। उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। पहले कम दिक्कत थी, लेकिन बाद में यह बढ़ती गई। सांस लेने में इतनी ज्यादा प्रॉब्लम थी कि जब वीरवार दाेपहर काे उसे लेने के लिए घर पर एंबुलेंस पहुंची ताे पहले ऑक्सीजन लगानी पड़ी।
इलाज शुरू करने के 15 मिनट बाद हो गई मौत
सिविल हॉस्पिटल से रेफर होने के बाद एंबुलेंस स्टाफ ने मरीज काे पीजीआई की इमरजेंसी में छोड़ दिया। डाॅक्टराें का कहना है कि कुछ घंटे बाद ही पीजीआई से आई एक एंबुलेंस नितिन को पंचकूला अस्पताल में छोड़कर चली गई। गेट पर जो स्टाफ खड़ा था, उसने डाॅक्टराें काे बताया कि पीजीआई से एक पेशेंट को वापस भेजा गया है। इसके बाद डॉक्टर्स ने यहां मरीज का इलाज शुरू किया, लेकिन इलाज के करीब 15 मिनट बाद ही उसने दम ताेड़ दिया। जब मृतक काे काेराेना संदिग्ध माना जाने लगा ताे यहां करीब 10 से 15 स्टाफ का नाम भी नाेट किया गया, जाे इलाज के दाैरान यहां तैनात थे। इमरजेंसी में मरीज को स्ट्रेचर पर लाने वाला सिक्याेरिटी गार्ड का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है।
रिपोर्ट का इंतजार: डॉक्टर जसजीत
सेक्टर-9 से एक मरीज काे एंबुलेंस से अस्पताल लाया गया था, जिसका इलाज इमरजेंसी में चल रहा था। मरीज की हालत खराब हाेने के कारण उसे पीजीआई रेफर किया गया था, लेकिन वहां से उसे वापस भेज दिया गया। यहां इलाज के दाैरान मरीज की माैत हाे गई। मृतक के काेराेना वायरस की जांच के लिए सैंपल लिए गए हैं। रिपाेर्ट अाने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।-डाॅ. जसजीत काैर, सीएमओ, पंचकूला
सैंपल की रिपाेर्ट आने तक परिवार काे नहीं दी जाएगी डेड बाॅडी
पूरी सेफ्टी से डेडबाॅडी काे माॅर्चरी में रखवाया गया। जब तक मृतक के सैंपल की रिपाेर्ट विभाग के पास नहीं आजाती, तब तक परिवार काे शव नहीं दिया जाएगा। अब डाॅक्टराें की ओर से दाे पहलुओं पर जांच की जा रही है, जिसमें एक ताे यह शक जताया जा रहा है कि सांस की प्रॉब्लम से माैत हाेना काेराेनावायरस की ओर इशारा करता है। दूसरा पहलू कार्डियक अटैक है, जिस पर भी शक जताया जा रहा है। इस बात का खुलासा अब जांच के लिए लैब भेजे जाने वाले सैंपल की रिपाेर्ट के बाद ही हाेगा। जिस एंबुलेंस में मरीज काे पीजीआई से लाया और ले जाया गया था, उसके स्टाफ काे भी रिपाेर्ट आने तक घर नहीं जाने दिया जाएगा।
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