चंडीगढ़. कोरोना वायरस की वजह से शहर की जेलों में बंद कैदियों को भी छोड़ा जा रहा है ताकि वहां भी सोशल डिस्टेंस रखा जा सके। बीते दिनों बुड़ैल जेल से 130 कैदियों को पेरोल पर छोड़ा गया था और अब बुधवार को सेक्टर-25 स्थित जुवेनाइल होम के 5 नाबालिग कैदियों को 21 दिनों की लीव पर छोड़ा गया है। इनमें 3 जुवेनाइल वे हैं जिनका केस अभी चल रहा है जबकि बाकी दो नाबालिग सजा भुगत रहे हैं।
अब 21 दिनों बाद इन्हें वापस जुवेनाइल होम में जाना होगा।
मेडिकल के बाद छोड़ा
डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी के सीजेएम-कम-सेक्रेटरी अशोक कुमार मान ने बताया कि इनका प्रॉपर मेडिकल किए जाने और इनके परिजनों से बात करने के बाद ही इन्हें लीव पर छोड़ा गया है। मान ने बताया कि जुवेनाइल जस्टिस एक्ट, 2015 के तहत गंभीर अपराधों को छोड़कर बाकी अन्य केसों में आरोपी या सजा काट रहे नाबालिग कैदियों को लीव दी जाती है।
लोक अदालत लगाई
इससे पहले डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी ने पिछले हफ्ते बुड़ैल जेल में स्पेशल लोक अदालत भी लगाई। दो दिनों की लोक अदालत के जरिए 60 केसों में अपराधियों की सजा को अंडरगोन कर उन्हें छोड़ दिया था। वहीं, 95 लोगों को इंटेरिम बेल यानी अंतरिम जमानत भी दी गई थी।
सेशन जज ने किया चिल्ड्रेन होम का दौरा
बुधवार को सेशंस जज परमजीत सिंह और डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी के सेक्रेटरी अशोक कुमार मान ने मलोया स्थित चिल्ड्रन होम स्नेहालय, सेक्टर-15 स्थित चिल्ड्रन होम फॉर गर्ल्स और ऑब्जर्वेशन एंड स्पेशल होम सेक्टर-25 का दौरा किया। इस मौके पर उनके साथ चंडीगढ़ चाइल्ड एंड वूमन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की कंपनी सेक्रेटरी रजनी गुप्ता भी थीं। इस दौरान टीम ने यहां बच्चों को दी जाने वाली सुविधाओं का निरीक्षण किया। ये विजिट कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए की गई थी ताकि पता चल सके कि बच्चों की देखभाल और उनकी सुरक्षा के लिए क्या-क्या इंतजाम किए जा रहे हैं।
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