कोरोना से बुजुर्ग की मौत होने के बाद बुधवार को शाम लगभग चार बजे खरड़ अस्पताल से डॉक्टरों की टीम दशमेश नगर और आदर्श नगर पहुंची। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक उसके पास 10 उन लोगों की लिस्ट पहुंची है, जो इस बुजुर्ग के संपर्क में आए थे और पीजीआई में काम करते हैं। विभाग ने 10 में से 6 लोगों के सैंपल जांच के लिए एकत्रित किए। एक 53 साल की महिला का घर नहीं मिला। जबकि तीन लोग पहले से ही पीजीआई में आइसोलेट किए जा चुके हैं। अब हर नयागांव वासी माहामारी से घबराया हुआ है, परन्तु अपने घरों से बाहर निकलने से फिर भी बाज नहीं आते यह सब पुलिस के नरमी से पेश आने से हो रहा है।
संदिग्ध को आइसोलेट
उधर, कुराली के सिविल हॉस्पिटल में एक संदिग्ध मरीज को आइसोलेट किया गया है। यह मरीज पीजीआई का कर्मचारी बताया जा रहा है। कोरोना के कारण जिस बुजुर्ग की मौत हुई थी, उसके इस बुजुर्ग के संपर्क में आने की आशंका जताई जा रही है। नयागांव के बुजुर्ग ओम प्रकाश की मंगलवार को पीजीआई में कोरोना वायरस के कारण मौत हुई थी। मौत के बाद सेहत विभाग की ओर से उनके संपर्क में आने वालों को आइसोलेट करने की प्रक्रिया जारी है।
नौजवान खूद आया आगे और सैंपल दिए
ब्लाक माजरी के भगिंडी गांवके रहने वाले नौजवान नरेंद्र सिंह ने सेहत विभाग को सूचित किया कि वह पीजीआई में नौकरी करता है और उसे शंका है कि वह बुजुर्ग के संपर्क में न आया हो। मामले को गंभीरता के साथ लेते हुए जिला सेहत विभाग ने नरेंद्र सिंह को आइसोलेट करने का फैसला किया। नरेंद्र सिंह के सिविल अस्पताल मोहाली में सैंपल लिए गए। सैंपल लेने के बाद उसको आइसोलेट करने के लिए कुराली के सिविल हॉस्पिटल भेज दिया गया। टेस्ट की रिपोर्ट वीरवार को आएगी।
पिता की अस्थियां चुनने के लिए भी बेटा अकेला ही आया था
कोरोना के कारण नयागांव के निवासी जिस व्यक्ति की मौत हुई थी, उसका संस्कार मंगलवार को मोहाली में किया गया था। बुधवार सुबह उनका बेटा राजिंदर कुमार उनकी अस्थियां चुनने के लिए श्मशान में आया। उस समय भी वह अकेला ही था उसके साथ कोई नहीं आया था। श्मशान के पंडित ने उसकी मदद कर अस्थियां चुनकर उसे सौंपी। पंडित ने बताया कि निगम कमिश्नर के निर्देश पर उन्होंने साथ दिया है। परिवार का कोई भी सदस्य नहीं आया था।
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