चंडीगढ़. प्रशासन ने कुछ बसाें में वेंडर्स काे बैठाकर सेक्टर्स में सब्जी फ्रूट्स के लिए खड़ा किया। प्रशासन की अाेर से बाकायदा रेट लिस्ट भी जारी की थी। उसमें अालू का रेट 15 से 20 किलाे, टमाटर 25 से 30 रुपए किलाे, प्याज 20 से 25 रुपए किलाे, घीया 20 से 25 रुपए किलाे तय किया था।
जबकि प्रशासन की अाेर से फ्रूट्स का रेट तय नहीं किया था। बसाें में बैठे वेंडर ने मनमर्जी के दाम सब्जियाें के वसूले। लाेग क्या करते कर्फ्यू में महंगी भी सब्जियां लेते गए। मगर प्रशासन का सब्जी के दाम पर काेई कंट्राेल नहीं दिखा। प्रशासन के तय रेट पर एक भी सब्जी नहीं बिकी।
सेक्टर 47 डी में पाेस्ट अाॅटिस के पास खड़ी बस में वेंडर ने अालू 50 रुपए किलाे ,टमाटर 80 रुपए प्याज 50 रुपए प्रति किलाे बेचा है। जबकि केला 70 रुपए दर्जन, अंगूर 140 रुपए किलाे अाैर संतरा 80 रुपए किलाे के हिसाब से बेचा गया। लाेगाें ने रेट काे लेकर एतराज किया।
जब वेंडर्स से पूछा गया कि प्रशासन की अाेर से रेट अखबार में दिए गए रेट्स ताे काफी कम हैं, अाप ताे सब्जी प्रशासन के रेट्स से डबल से भी ज्यादा में बेच रहे हाे। इसपर वेंडर ने जवाब दिया कि हमारे पास काेई रेट नहीं हैं, ग्रेन मार्केट से महंगी सब्जी खरीदकर लाएं हैं अगर अापने नहीं लेनी है ताे जाअाे। एेसे में मजबूरी में महंगी सब्जी अाैर फ्रूट्स खरीदना पड़ा।
एमसी के इंफाेर्समेंट सब इंस्पेक्टर ललित त्यागी ने भास्कर संवाददाता काे बताया कि मैंने वेंडर से रेट लिस्ट बारे पूछा था उसने कहा कि हमारे पास काेई रेट लिस्ट नहीं है। न ही हमें सब्जी की रेट लिस्ट मुहैया करवाई है। एेसे में वेंडर काे कैसे कह सकते हैं कि महंगी सब्जी बेच रहे हाे।
चार कंट्रोलिंग अाॅफिसर ग्रेन मार्केट पहुंचे तो फाेन करके कुछ वेंडर बुलाए, 40बसाें में बैठाया
कर्फ्यू के दाैरान शहर में 96 बसाें से वेंडर्स काे एरिया वाइज सब्जी अाैर फ्रूट्स बेचने की प्रशासन ने बुधवार काे तैयारी की थी। इसी के चलते प्रशासन ने लाइसेंस धारक वेडर्स काे कर्फ्यू पास जारी कर दिए। गुरुवार सुबह वेंडर सेक्टर 26 ग्रेन मार्केट पहुंचे अाैर सब्जी लेकर एरिया में निकलते गए। प्रशासन के अाॅफिसराें काे पता चला ताे कुछ वेंडर्स काे घेर कर लाया गया। उन्हें 40 बसाें में बैठाकर एरिया वाइज सब्जी- फ्रूट्स बेचा।
ट्रक भरकर सेक्टर 40 में सब्जी पहुंची
प्रशासन ने काेराेना के फैलाव काे राेकने के लिए शहर में कर्फ्यू लगाया हुअा है। वहीं सब्जी अाैर फ्रूट्स के इंतजाम निगम कमिश्नर केके यादव की अाेर से शहर में बसाें में वेंडर बैठाकर किए गए थे। शहर काे चार पीसीएस अाॅफिसराें के सुपरविजन में बांटा गया। बाकायदा पुलिस फाेर्स की तैनाती बसाें के साथ की गई। इसके बावजूद सेक्टर 40 में हरियाणा नंबर का एक ट्रक सब्जी बेचने के लिए पहुंच गया। वहां सब्जी अाैर फ्रूट्स खरीदने वालाें की लाइने लग गई। अब प्रशासन के अाॅफिसराें पर ही सवाल उठने लगा है कि ट्रक काे कर्फ्यू पास किसने जारी किया। ट्रक काे थाना पुलिस ने क्याें नहीं राेका। क्याेंकि प्रशासन के अाॅर्डर अनुसार रेहड़ी, टैंपाें अाैर ट्रक में काेई सब्जी सप्लाई देने का अादेश नहीं था। किस वेंडर के लाइसेंस पर सब्जी ट्रक में भरकर वहां पहुंच गया। केवल बसाें में वेंडर काे बैठाकर एरिया में सप्लाई करने का अाॅर्डर था।
कई जगह रेहड़ी अाैर टैंपाें में सब्जी बिकती रही
शहर के कई सेक्टर में रेहड़ी अाैर टैंपाें से सब्जी बेचते दिखे। वे वेंडर थे या बाहरी लाेग। उन्हें पुलिस ने सब्जी बेचने की कैसे इजाजत दे दी। इनके मुंह पर मास्क नहीं था। लाेगाें की भीड़ लगाकर रखी थी। एेसे में प्रशासन का काेराेना काे फैलने से राेकने के लिए लगाया कर्फ्यू बेअसर हाेगा।
खुद प्रशासक पहुंचे ग्रेन मार्केट, बाद में पहुंचे अाॅफिसर
सेक्टर 26 ग्रेन मार्केट में आज सुबह 9 बजे पंजाब के गवर्नर एवं नगर प्रशासक वीपी सिंह बदनाेर पहुंच गए। प्रशासक ने मंडी का जायजा लिया। शहर में सब्जी- फ्रूट्स सप्लाई किए जाने की जानकारी ली।
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