पिंजौर. विश्व में तेजी से फैल रही कोरोनावायरस को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पूरे देश भर में 21 दिन के लिए लॉकडाउन कर दिया गया है। यह जनहित में बड़ी घोषणा है, फिर भी इसके चलते बहुत से लोग जहां से चले वहीं फंसे रह गए। इनके लिए यातायात के साधनों व पैदल चलना भी कठिन हो गया है। यहां तक कि खाने-पीने के लाले पड़ गए हैं। ऐसा ही वाक्य कालका बस स्टैंड पर देखने को मिला जहां हिमाचल के क्षेत्र बद्दी में काम करने आए यूपी बिहार के करीब 20 लोग दो दिन से फंसे हुए थे।
अंकुश चौरसियाने बताया कि हम 5 लोग 1 महीने पहले बद्दी में किसी प्राइवेट ठेकेदार के पास लेबर का काम करने आए थे। जैसे ही हिमाचल प्रदेश में लॉकडाउन हुआ हमें ठेकेदार द्वारा बिना पैसे दिए और डरा धमका कर भगा दिया गया।उसने हमारे आधार कार्ड भी अपने पास रख लिए।अब हमारे पास खाने-पीने के लिए भी पैसे नहीं हैं। हम तीन रोज से कालका बस स्टैंड पर भूखे-प्यासे अपने घर जाने के लिए लाचार हैं।
एसडीएम कालका राकेश संधू और तहसीलदार विरेन्द्र गिल ने बस स्टैंड पर फंसे लोगों को ठेकेदार को फोन करके इन्हेंवापस रखने के लिए कहा और उन्हें वापस भिजवाया। इसके अलावा कुछ लोगों को उनके घर जाने के लिए अपने क्षेत्र के बार्डर तक पहुंचवाया।
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