Monday, March 23, 2020

ज्यादा लोग निकले बाहर तो लगा कर्फ्यू

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मेडीकल स्टोर पर ज्यादा भीड़...मेडिकल स्टोर, ग्रॉसरी की दुकानों पर जमा हुई भीड़ ने सोशल डिस्टेंसिंग भी तोड़ दी। जरूरी सामान की दुकानों को खोलने का जो फैसला लिया गया था वो भी लॉकडाउन पर भारी पड़ा। लोगों को घर में रखने और बाहर भीड़ ना हो इसके लिए जारी किया गया था, लेकिन मेडीकल स्टोर और ग्रॉसरी स्टोर्स आदि पर लोगों की भीड़ थी। चार से ज्यादा लोग एक दूसरे से सटकर खड़े हुए थे। दुकानदार लोगों को बाहर रोककर हाथ सेनीटाइजर से साफ करवा फिर उन्हें अंदर ले जा रहे थे, वायरस को फैलने से रोकने के लिए पूरे इंतजाम किए गए। इसके साथ ही लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है। इस वायरस को यहीं पर रोकना इसलिए भी जरूरी है कि यदि यह संक्रमण बढ़ने लगा तो आने वाले दिनों में हालात बेकाबू हो सकते हैं।

कोरोना चेन तोड़ने के लिए प्रशासन ने जनता कफर्यू के साथ ही लॉक डाउन का ऐलान रविवार को ही कर दिया था। सोमवार सुबह से लेकर दोपहर तक लोगों ने लॉक डाउन के मकसद को खत्म कर दिया। हर जगह गाडिय़ां व लोगों की भीड़ दिखाई देने लगी जिसके चलते दोपहर करीब एक बजे सरकार ने कफर्यू का एलान कर दिया। जिसके बाद पुलिस हरकत में आई और जितनी भी दुकानें खुली थी सभी को बंद करवा दिया गया।

पुलिस व नगर निगम की टीमों ने गाड़ियों पर लाउड स्पीकर लगा कर कफर्यू लगाए जाने की मुनियादी की और लोगों को अपने घर रहने के लिए कहा गया। जो कफर्यू लगाया गया है उसमें
किसी प्रकार की कोई छुट नहीं है। लोगों को घरों में रहने के लिए कहा गया है। कोई व्यक्ति पैदल भी चलता हुआ दिखता है तो उसपर भी कार्रवाई का प्रावधान हैं। छूट देने का अधिकार सरकार ने संबंधित जिले के डीसी को ही दिया है। इसके तहत मेडिकल, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम को छूट दी गई है।
डीसी ने सभी लोगों से अपने
घरों में रहने के निर्देश दिए हैं ताकि कोरोना वायरस की चेन को तोड़ा जा सके। लॉकडाउन के आदेश भले ही 31 मार्च तक के हैं
लेकिन कफर्यू के आदेश आनिश्चितकाल के लिए हैं।

लॉकडाउन के बाद बिगड़े हालात, पुलिस-प्रशासन को दिखानी पड़ी सख्ती

बिना मास्क के घूम रहे वाहन चालकों को पुलिस ने मास्क भी पहनाए...कई ऐसे वाहन चालक भी सड़कों पर आते-जाते दिखे जिन्होंने न तो मास्क लगाया हुआ था और न सेनिटाइजर यूज कर रहे थे। जब यह बार्डर पार कर रहे थे तो उन वाहन चालकों को सबसे पहले मुलाजिम यह पूछ रहे थे कि कहां पर जा रहे थे। उनका जवाब सुनने के बाद आईकार्ड चैक किया जा रहा था और फिर उनको आगे जाने दिया जा रहा था। जबकि कई ऐसे वाहन चालक भी मिले जो बहानेबाजी कर रहे थे जिनको पुलिस जवानों ने वहीं से वापिस भेजा गया।

चंडीगढ-मोहाली सीमा को भी किया गया सील...

एसएसपी के निर्देशों के बाद मोहाली पुलिस मुलाजिमों की तरफ से उन सारे रास्तों को सील कर दिया गया था जोकि चंडीगढ़ से सटे हुए है। प्रॉपर सारे रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई थी और मुलाजिम तैनात थे। जो भी वाहन चालक इन रास्तें से आ जा रहे थे उनको बिना पूछताछ के आगे नहीं जाने दिया जा रहा था।

कंपनी में बिना मास्क के काम कर रहे थे कर्मचारी, पहुंची पुलिस

वहीं इंडस्ट्रियल एरिया फेज-7 कनेक्ट बिजनेस साल्यूशंस लिमिटेड नाम कंपनी चल रही थी, जिसमें दर्जनों की सख्या में कर्मचारियों से काम करवाया जा रहा था। किसी ने पुलिस कंट्रोल रुम पर इस कंपनी में दर्जनों कर्मचारी बिना मास्क के ही काम कर रहे हैं। मैसेज कंट्रोल रुम पर फ्लैश होते ही इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस चौकी इंचार्ज बलजिंदर सिंह मंड अपने जवानों के साथ इस कंपनी में पंहुचे और यहां पर प्रबंधन से बात कर कंपनी को तुरंत बंद करवाकर कर्मचारियों को उनको घर भिजवाया। आगे के लिए भी चेतावनी दी गई। यह देखा गया कि कंपनी के अंदर बैठे कर्मचारी में से किसी ने भी मास्क नहीं लगाया हुआ था। चौकी इंचार्ज बलजिंदर सिंह मंड ने इसकी पुष्टि की है।

लॉकडाउन को लोगों ने आम दिन बना दिया तो लेना पड़ा एक्शन...

लॉकडाउन के ऐलान के बावजूद लोगों की ऐसी भीड़ उमड़ी की सड़कें व मार्केट्स में लोग दिखाई देने लगे। लोगों ने लॉकडाउन डे रूटीन डे बना दिया। कुछ तो ऐसे लोग भी बाहर सड़कों व मार्केट में दिखे जो मात्र घूमने फिरने आए थे। इसके अलावा कई घरों की पूरे फैमिली मैंबर्स ही बाहर निकल आए। ऐसे लोगों के कारण ही सरकार को कर्फ्यू लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा। जबकि सरकारें यह कदम लोगों के लिए ही ले रही है, लोगों को यही समझ नहीं आ रहा। मार्केट व बाजारों में भीड़ दिखी और सड़कों पर लोग वाहनों पर आते-जाते दिखे। जबकि पूरे के पूरे बार्डर को मोहाली पुलिस की तरफ से सील किया गया था और हर प्वाइंट पर पुलिस जवान खड़े थे। दोपहर 1 बजे के बाद यही हाल रहा। जिसको देखते हुए पंजाब सरकार ने कर्फ्यू घोषित कर दिया।

पैदल चलने पर भी पाबंदी, घर में ही बंद रहने के निर्देश...कर्फ्यू के दौरान लोग सिर्फ अपने घर में ही रहेंगे और बाहर तक नहीं निकल सकेंगे। गाड़ी चलाना तो दूर पैदल तक घर के बाहर घूमने पर पाबंदी है। जो लोग नियम तोड़ेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। लोगों को घर में ही रहना चाहिए ताकि कोरोना की चेन तो तोड़ा जा सके। लॉकडाउन के दौरान लोगों का घर से बाहर निकलना चेन तोड़ने में बाधा ना बना इसलिए कर्फ्यू लगाने का फैसला लिया गया है। अब इसमें सभी लोगों को सहयोग करना जरूरी है।

लोगों के इकट्ठा होने के बाद फैसला...डीसी गरीश दयालन ने बताया कि 23 से लेकर 31 मार्च तक लाँक डाउन का ऐलान किया गया था और जरूरी सामान की दुकानें खोली गई थी। लेकिन दोपहर तक लोगों के घर से ज्यादा बाहर निकलने और दुकानों अादी पर इक्ट्ठा होने की जानकारी आनी शुरू हो गई। इससे वायरस तोड़ने के लिए किए गए लॉकडाउन का फायदा नहीं दिखाई दिया तो लोगों को घर में रखने के लिए कर्फ्यू लगाया गया है।

फेज-7 के कॉल सेंटर बंद करवाया...

पुलिस ने इन्हें समझाया...

निगम टीम ने घर में रहने की अपील की...

कोरोना वायरस एक दिन में मिटने वाला नहीं है, इस बात को ध्यान रखें लोग...



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