चंडीगढ़.पंजाब के गवर्नर व यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनोर ने शनिवार को प्रशासन के सीनियर अफसरों के साथ टैगोर थिएटर में प्रेस कांफ्रेंस की। बदनोर ने कहा कि कर्फ्यू के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही थी और लोगों की जरूरत को देखते हुए ही दुकानें खोलने का फैसला लिया है। कर्फ्यू के दौरान ढील देने की जरूरत रहती है।
इसलिए उन्होंने राशन की दुकानों और मेडिकल स्टोर्स को सुबह 10 से 6 बजे तक खोलने का फैसला लिया। बदनोर ने कहा कि फिलहाल दुकानें खोलने का फैसला शनिवार और रविवार के लिए ही था।अब सोमवार को दुकानें खोली जाएंगी या बंद रहेंगी इस पर सोमवार को फैसला होगा।
बाेले, कोरोना के कारण जो हालात पैदा हुए वह काफी खतरनाक हो सकते हैं। इसलिए लोगों को समझना चाहिए और सामाजिक दूरी बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे समझते हैं कि लोगों को इन हालातों में परेशान होना पड़ रहा है। इसलिए उन्होंने एक कोविड वॉर रूम बनाया है और इसी वॉर रूम के जरिए हर परिस्थितियों पर फैसले लिए जा रहे हैं।
दो महीने का एडवांस डीबीटी दिया जाएगा
इस मौके पर डीसी मंदीप सिंह बराड़ ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए शुरू की गई डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर(डीबीटी)के तहत दो महीने का एडवांस दिया जा रहा है। इस संबंध में उन्हें केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है और अब लोगों के खातों में दो महीने का एडवांस डीबीटी दिया जाएगा। इसके लिए उन्हें केंद्र सरकार से लगभग दो करोड़ रुपए की ग्रांट भी मिल चुकी है।
शहर में 2200 के करीब लोग हैं जो विदेश से आए हैं
एडवाइजर मनोज परिदा ने बताया कि पिछले कुछ समय में विदेशों से 94 हजार लोग पंजाब रीजन में आएं हैं। इनमें से 33 हजार लोगों को ढूंढा जा चुका है। वहीं, चंडीगढ़ की बात करें तो यहां पहले खबर थी कि 1600 लोग विदेश से आएं हैं जबकि अब 2200 लोगों के बारे में पता लग चुका है। एडवाइजर ने कहा कि जिन लोगों की ट्रैवल हिस्ट्री रही है उन्हें ढूंढना मुश्किल जरूर हो रहा है, लेकिन वे इस काम में लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि सेक्टर-30 में जिस युवक में कोरोना पॉजिटिव पाया गया है वह दुबई से आया था और उसने किसी को बताया नहीं था। उसके संपर्क में 82 लोग थे जिनमें 77 चंडीगढ़ के थे जबकि 5 मुल्लांपुर के थे। इन लोगों को भी आइसोलेट किया जा चुका है।
मेनका गांधी ने गवर्नर को किया फोन, पूछा स्ट्रे डॉग्स का हाल
प्रशासक वीपी सिंह बदनोर ने बताया कि उन्हें मेनका गांधी का फोन आया था और उन्होंने शहर में स्ट्रे डॉग्स को फूड प्रोवाइड किए जाने की बात कही। इसके लिए उन्हें एमसी कमिश्नर की जिम्मेदारी लगाई है। एमसी कमिश्नर ने कहा कि ये बोल नहीं पाते, फोन नहीं कर पाते और न ही ट्वीट कर पाते हैं। इनकी समस्याएं भी हमें समझनी चाहिए। उन्होंने पेट्ट शॉप एसोसिएशंस से बात की है और उन्हें कहा कि वे स्ट्रे डॉग्स के लिए खाना उपलब्ध करवाएं।
प्रशासन ने शुरू किया कोविड फंड
बदनोर ने बताया कि प्रशासन ने कोविड-19 फंड शुरू कर दिया है। जिसमें उन्होंने खुद अपने पर्सनल अकाउंट से एक लाख रुपए डोनेट किए हैं। बदनोर ने कहा कि जो लोग समाज सेवा के लिए आगे आना चाहते हैं उनके लिए अब ई-पास की सुविधा शुरू कर दी है और लोग प्रशासन की वेबसाइट से ही कर्फ्यू पास के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
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