Friday, March 27, 2020

बुजुर्ग को एंबुलेंस से उतारने नहीं दिया, मेडिकल टीम ने तीन किमी दूर रिश्तेदार के घर पर छोड़ा

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पंचकूला(संदीप काैशिक).जिले में शुक्रवार को एक ऐसा मामला सामने आया, जिसे देख हर उस शख्स का हाैसला भी गिर जाएगा जाे दुनियाभर में फैली कोरोना महामारी जैसे हालात में भी समाज हित में काम कर रहा है। जी हां, पंचकूला के माैली एरिया में एक मरीज को उसके घर छोड़ने गई मेडिकल टीम को जहां लोगों ने गालियां दी, बल्कि मरीज को गाड़ी से उतारने भी नहीं दिया। करीब पाैने घंटे चले हंगामे के बाद भी लाेगाें ने एंबुलेंस काे गांव में नहीं जाने दिया ताे स्टाफ ने 3 किलाेमीटर दूर जाकर मरीज काे रिश्तेदार के घर छाेड़ा।


पूरे हंगामे में एंबुलेंस के अंदर बैठी महिला और उसके नवजात बच्चे काे भी परेशान हाेना पड़ा। लाेगाें ने एंबुलेंस कर्मचारियाें काे यहां तक भी बाेल दिया कि तुम पता नहीं कहां -कहां कि बीमारियां लाकर बिना पूछे हमारे गांव में घुस जाते हाे। स्टाफ ने अपने सीनियर अधिकारियाें काे भी इस बारे में बता दिया है और एंबुलेंस में लगे सीसीटीवी कैमराें की भी जांच कर इस मामले में एक्शन लेने के लिए बाेला है। दरअसल,सेकटर 6 के जनरल अस्पताल से एक 55 साल के बुजुर्ग काे डिस्चार्ज किया गया था, जिसे एंबुलेंस माैली गांव में छोड़ने गई थी। बुजुर्ग न तो कोरोना पीड़ित है और न ही संदिग्ध, इनका कूल्हे का ऑपरेशन हुआ है, लेकिन लाेगाें ने मरीज काे एंबुलेंस से उतरने तक नहीं दिया। वहीं, अब इस मामले में कर्मचारियाें ने सीएमओकाे भी कंप्लेंट कर दी है और इस मामले में जांच कर ठोस एक्शन लेने की मांग की है।

पंचकूला में तीन संदिग्ध मरीजों के लिए गए सैंपल, अब रिपोर्ट का इंतजार

शुक्रवार काे पंचकूला में अलग अलग सेक्टराें से 3 लाेगाें काे काेराेना सस्पेक्टिड मान अस्पताल में लाया गया। यहां पर डाॅक्टराें की ओर से जब जांच की गई ताे एक मरीज में काेराेना के हल्के लक्षण दिखे, जिसके बाद उसके सैंपल भी लिए गए। बाकी दाे के भी सैंपल लेकर लैब में जांच के लिए भेजे गए हैं। अभी तक पंचकूला में कुल 48 लाेगाें के सैंपल जांच के लिए लैब में भेजे गए है, जबकि 4 मरीजाें के सैंपल अभी पेंडिंग पड़े हैं। अभी 5 मरीज सेक्टर 6 के जनरल अस्पताल में एडमिट है, जबकि नाडा साहिब गुरुद्वारा, दिल्ली और गुड़गांव में 8 लाेगाें काे क्वारेंटाइन के लिए रखा गया है। अभी तक 408 लाेगाें पर डाॅक्टराें की ओर से निगरानी रखी जा रही है, इसमें 341 लाेग हाेम क्वारेंटाइन में है। 26 लाेगाें का हाेम क्वारेंटाइन पूरा हाे गया है और 28 ऐसे लाेग है जाे पंचकूला में रह ही नहीं रहे हैं।

कर्मचारियों ने मांगी सुरक्षा, न देने पर एंबुलेंस न ले जाने की धमकी

आरटीएस वर्कराें की ओर से शिकायत दी गई है, इसमें एरिया सरपंच पर भी गांव में एंबुलेंस काे नहीं घुसने के आराेप लगाए है। एंबुलेंस में तैनात कर्मचारियाें ने बताया कि जब मरीज काे यहां उतारने लगे ताे उन्हें कहा गया कि ना ताे यहां किसी मरीज काे गांव के अंदर लेकर आना है और ना ही किसी भी मरीज काे गांव के अंदर से लेकर जाना है। कर्मचारी ने लाेगाें काे बताया कि उन्हें सुबह से ताे राेका नहीं जा रहा था, जब गांव से डिलीवरी केस भी लेकर गए थे और अब क्याें राेक रहे हाे। इसके बाद भी लाेगाें ने मरीज काे उतरने नहीं दिया। अब आरटीएस कर्मचारियाें ने भी विभाग काे चेतावनी दी है कि या ताे उन्हें ऐसे मामलाें में प्राेटेक्शन दी जाए या फिर अब से ऐसे गांवाें में काेई एंबुलेंस जाएगी ही नहीं। स्टाफ का कहना है कि अगर इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई ताे कंट्राेल रूम से भी यहां काेई एंबुलेंस नहीं भेजी जाएगी। एसे हालाताें में मेडिकल स्टाफ का सहयाेग करना चाहिए, न की उनके साथ ऐसा व्यवहार करें।

जनरल अस्पताल में पता चला कि बच्चे काे डायरिया

काेराेना वायरस की राेकथाम के लिए अस्पतालाें में सिर्फ क्रिटिकल पेशेंट्स ही देखे जा रहे हैं। माेबाइल टीमाें काे घराें में जाकर लाेगाें काे मेडिकल सुविधा देने के लिए कहा जा रहा है। वहीं, पंचकूला में एक ऐसा केस भी सामने आया है जिसमें एक मरीज काे नाॅर्मल केस मान कर दाे प्राइवेट अस्पतालाें ने देखने से साफ मना ही कर दिया। बाद में बच्चे को सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल पहुंचाया गया। यहां पर चेकअप के दाैरान पता चला कि बच्चे काे डायरिया है। बच्चे का इलाज किया गया और हालत ठीक हाेने के बाद बच्चे को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।



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पंचकूला अस्पताल में तीन संदिग्ध मरीजों के लिए गए सैंपल।

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