चंडीगढ़. कर्फ्यू के चलते एमसी कमिश्नर केके यादव ग्राॅसरी, सब्जी- फ्रूट्स की सप्लाई काे लाइन पर ले आए हैं। वहीं दूध की सप्लाई शहर में 135 वेरका, वीटा बूथाें के अलावा अमूल से प्राॅपर दी जा रही है। वेरका और वीटा के बूथाें के साथ एमसी ने 235 मालियाें काे लगाया हुआ है। जाेकि अपने साइकिलाें पर वेरका या वीटा बूथ से क्रेट में दूध लेकर डाेर टू डाेर सप्लाई देने में लगे हैं।
बूथ वालाें के पास काेई सर्वेंट नहीं था इसलिए एमसी ने उनके साथ सुबह और शाम के समय अपने मालियाें काे अटैच कर दिया। शहर में राेजाना 3 लाख 40 हजार लीटर दूध खप्त हाे रहा है। पनीर, दहीऔर लस्सी की सप्लाई कंपनियां नहीं दे रही हैं। इसलिए लाेग दूध से ही दही, लस्सी तैयार कर रहे हैं।
कर्फ्यू के चलते मिल्क बूथाें काे खाेला नहीं जा सकता है क्याेंकि बूथाें के आगे दूध और अन्य सामान लेने वालाें की दाे दिन पहले लाइनें लग गई थी। इसके बाद पुलिस ने मिल्क बूथाें काे बंद करवा दिया था। इसकी सूचना अपने ऑफिसराें के जरिए निगम कमिश्नर तक भेज दी थी। इसके बाद उन्होंनेसुपरिंटेंडिंग इंजीनियर संजय अराेड़ा काे डायरेक्शन दी।
उन्हें यह भी डायरेक्शन दी कि हर एरिया वाइज दूध की सप्लाई सुनिश्चित की जाए। इसके लिए संजय अराेड़ा ने एक्सईएन राेड रविंद्र शर्मा और धर्मेंद्र शर्मा के सुपरविजन में एरिया वाइज ड्यूटी चार्ट बनाया।उनकी सपाेर्ट में जेई, एसडीओ लगाए, इनके अलावा सुपरवाइजर स्तर के कर्मचारियाें काे भी तैनात किया। लेकिन बूथ से दूध साइकिल पर क्रेट में भरकर गली मोहल्लों में सप्लाई देने के लिए मालियाें काे लगाया ।
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