चंडीगढ़. पंजाब यूनिवर्सिटी के हॉस्टलों में राशन का लगभग खत्म होता सामान स्टूडेंट्स के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। हॉस्टलों में इस समय लगभग सौ स्टूडेंट्स हैं जिनको खाने की जरूरत है लेकिन यूनिवर्सिटी की मैस में राशन खत्म होने को है। बंद के कारण राशन लेने के लिए व्यक्ति बाहर नहीं जा सकते। कोरोना के कारण स्टाफ का बाहर जाना यूनिवर्सिटी ने बंद किया है। ऐसे में दिक्कत ये है कि खाना कैसे बने।
एक हॉस्टल रेसिडेंट ने कहा कि वह डीएसडब्ल्यू को इस बारे में चिंता जता चुके हैं। सेनेटेशन की प्रॉब्लम को तो हल कर दिया गया है लेकिन खाने की चिंता बनी हुई है। शहर में राशन और जरूरी सामान की सप्लाई इस समय बसों के जरिए हाे रही है जबकि किसी भी व्यक्ति को निजी तौर पर दुकान पर जाने की इजाजत नहीं है। जब इस बारे में डीएसडब्ल्यू प्रो. इमैनुअल नाहर से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि इस बारे में वह पहले ही सभी वार्डनों से मीटिंग कर चुके हैं। जिन हॉस्टलों की मैस चल रही है, उनकी जरूरत लेकर यूटी प्रशासन को भेजी गई है ताकि राशन पहुंच सके। अभी भी 100 स्टूडेंट्स का खाना रोजाना कैंपस में बन रहा है।
सेफ्टी के लिए वर्कर्स को दी जगह
यूनिवर्सिटी के हॉस्टलों में मैस वर्कर्स को भी रुकने की जगह दे दी गई है ताकि बाहर जाकर वह इंफेक्शन का शिकार ना हों। उनके बाहर आने-जाने पर कैमरों के जरिए भी निगरानी रखी जा रही है। ये पहले ही तय कर लिया गया था कि यदि मैस वर्कर्स बाहर जाएंगे तो उनको अंदर आने की इजाजत नहीं होगी। इस समय सफाई कर्मी भी सेक्टर 14 के ही लगाए गए हैं ताकि बाहर से आने वालों या किसी तरह के एक्सपोजर की संभावना ना रहे।
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