डेराबस्सी. कर्फ्यू के दौरान जहां जश्न समारोह ,अंतिम भोग तक सीमित कर दिए गए हैं, वहीं निधन के बाद शोक जताने तो एक तरफ, परिवार के लोग अंतिम संस्कार में शामिल होने से भी वंचित हो रहे हैं। ऐसा ही एक मामला मोहाली के मस्तगढ़ गांव का है जहां पिता के मौत के बाद 20 किमी के दायरे में रह रही दो बेटियां भी उनके अंतिम दर्शन नहीं कर पाईं। उन्हें कर्फ्यू दौरान पुलिस नाके पार करने की इजाजत नहीं मिली।
दिल का दौरा पड़ने पर मौत
श्मशान घाट में अंतिम संस्कार की वीडियो बनाकर दोनों बेटियों समेत रिश्तेदारों को भेजी गईं। चंडीगढ़ सीमा के पास मस्तगढ़ में बीती शाम 70 साल रघुबीर सिंह सैनी को दिल का दौरा पड़ा। बड़ा बेटा कुलविंदर पिता को लेकर पीजीआई पहुंचा जहां रघुबीर को मृत करार दिया गया। रघुबीर की दो बेटियों में एक बलजिंदर कौर मोहाली के सेक्टर 70 में और छोटी बेटी हरप्रीत कौर डेराबस्सी के गांव इस्सापुर में रहती हैं। छोटा भाई खरड़ रहता है।
नाकों पर मिन्नतें
पीजीआई से लौटते हुए भी उन्हें जगह जगह पुलिस नाकों पर रोका गया, बॉडी दिखाकर ही गांव तक पहुंचा जा सका। सुबह वे हरप्रीत के साथ अंतिम संस्कार में शामिल होने निकला परंतु पुलिस नाकों पर तरले मिन्नते करने के बावजूद वे जीरकपुर से आगे नहीं बढ़ सके। बड़ी बेटी बलजिंदर सेक्टर 70 मोहाली से से कुछ किमी दूर गांव मस्तगढ़ नहीं पहुंच सकी। छोटा बेटा गुरविंदर भी शमशान में पूरे समय पर ही पहुंच सका।
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