काेराेना वायरस से शहर में हुए लाॅक डाउन के बाद जहां लाेगाें ने केमिस्ट से दवाइयां, करियाना शाॅप से राशन खरीद कर अपने घराें में स्टाेर कर लिया है। वहीं, अब मंडियां बंद हाेने के बाद जाे लाेग रेहडियाें पर सब्जियां बेच रहे है, उन्हाेंने भी माैके का फायदा उठाकर सब्जियाें के रेट इतने हाई कर दिए है कि लाेग अगर सब्जी ले रहे है ताे दस बार साेचना पड़ रहा है। बाद में मजबूर हाेकर उन्हे इतनी महंगी सब्जियां खरीदनी भी पड रही है। जी हां, 20 से 25 रूपए किलाे बिकने वाले अालू अब रेहडियाें पर 50 से 60 रूपए किलाे बिक रहे है। जबकि, मंडियाें में 20 रूपए किलाे जाे टमाटर बिक रहे थाे अब मंडियां बंद हाेने के बाद वाे लाेगाें काे 80 रूपए किलाे रेट पर लेने पड रहे है। प्याज भी अब लाेगाें काे 60 से 65 रूपए किलाे मिल रहे है, जबकि मंडी में इसका रेट 35 रूपए किलाे था। वहीं, 30 रूपए किलाे मिलने वाली गाेभी भी लाेगाें काे रेहडी से 50 रूपए किलाे रेट पर लेनी पड रही है। सबसे हैरान कर देने वाली बात ये है कि जाे हरा धनिया हम लाेग मंडी से 5 रूपए में एक गुच्छी लेते थे, अब एक हरे धनिये की गुच्छी 30 रूपए तक में मिल रही है। वहीं, काेराेना वायरस से एक अाेर जहां लाेगाें का घराें से निकलना बंद हाे गया है, लाेगाें काे ये नहीं पता कि हालात नाॅर्मल कब हाेंगे अाैर एेसे में घर बैठे लाेगाें काे अगर खाने के लिए सब्जियां भी इतने महंगे रेट पर खरीदनी पड रही हाें ताे यह मार काफी ज्यादा है।
हर किसी का साेसाइटियाें में जाना बंद, गेट पर ही सेनीटाइज करने के लिए बिठाए गार्ड: पंचकूला में सेक्टर 20 के अंदर सबसे ज्यादा साेसाइटियां है। जबकि, घग्गर पार सेक्टराें में भी कई सासाइटियाें में लाेग रह रहे है। एेसे में अब एहतियात बरतने के लिए यहां पर भी ज्यादातर साेसाइटियाें में लाेगाें के अाने-जाने पर बैन लगाया हुअा है। ज्यादातर साेसाइटियाें के मेन गेट पर ही सिक्याेरिटी गार्ड्स काे इमरजेंसी हालात में अगर काेई अाता-जाता है ताे उसे सेनीटाइज करने के लिए भी बंदाेबस्त किया हुअा है। अब साेसाइटियाें में भी या ताे एक ही गेट खाेला गया है या दाे, इसके अलावा अगर दाे से ज्यादा गेट हे ताे उन्हें बंद ही कर दिया गया है। साेसाइटियाें में भी थर्मल स्कैनर से अाने जाने वालाें का टैंप्रेचर चैक किया जा रहा है। अगर किसी में टैंप्रेचर ज्यादा हाे ताे उसे साेसाइटी में एंटर नहीं हाेने दिया जा रहा।
घराें में एक्स्ट्रा सिलेंडर की हाेड, छाेटे सिलेंडर भी रखे इमरजेंसी के लिए: राशन, दवाइयाें से लेकर सब्जियाें के बाद अब लाेग इमरजेंसी के लिए सिलेंडर भी भरवा कर रखने लगे है। अब ज्यादा इमरजेंसी के लिए छाेटे सिलेंडराें का भी लाेग अपने घराें में बंदाेबस्त करने लगे है। हालांकि, एेसा नहीं है कि इमरजेंसी पडने पर अापके घराें में सिलेंडर अाने बंद हाे जाएंगे। फिर भी लाेग एहतियातन अपने अापकाे पूरा सक्षम बना रहे है इमरजेंसी हालाताें से गुजरने के लिए। वहीं, अब कुछ गैस एजैंसियाें की अाेर से जाे घराें में गैस डिलीवर हाे रहे है, उन कर्मचारियाें काे भी मास्क अाैर ग्लब्ज दिए जा रहे है, ताकि ना ताे वाे इनफेक्टिड हाे अाैर ना दूसरे लाेगाें के लिए वायरस फैलाने का साेर्स बनें। अभी भी कुछ एजैंसियाें की अाेर से अपने स्टाफ काे सेफ्टी किट में इस्तेमाल हाेने वाले मास्क अाैर हैंड ग्लब्ज नहीं दिए गए। इसके अलावा ना ही सिलेंडर डिलीवर करने वालाें की सेफ्टी के लिए सेनीटाइजिंग का पूरा बंदाेबस्त किया गया है। जबकि, इन कर्मचारियाें की भी डाेर टू डाेर सबसे ज्यादा पब्लिक डीलिंग हाेती है।
मंडियां बंद हाेने के बाद भी लग रही हैं रेहड़ियाें पर सब्जियां।
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