पंचकूला में काेराेना वायरस का सबसे पहला पाेजीटिव केस ओल्ड पंचकूला में सामने आया है। जिस अाेल्ड पंचकूला से यह केस पाेजीटिव केस सामने अाया है, अब मेडिकल टीम के सामने अाेर बड़ा चैलेंज भी खड़ा
हाे गया।
एेसा इसलिए क्याें कि, यहां पर 12 हजार से ज्यादा आबादी है, इसकी ज्यादातर आबादी पंचकूला-चंडीगढ़ के अलग अलग सेक्टरों में और लोगो के घरों में काम करती है। ज्यादातर महिलाएं अलग अलग सेक्टराें मेें लाेगाें के घराें में काम करती है। यहां के लाेग फैक्ट्रियाें में भी काम करते है, जबकि ज्यादातर लाेगाें के घराें में भी दिहाड़ी करते है। एेसे में अब यहां पर लाेगाें काे कहीं अाने जाने से नहीं राेका गया ताे भयंकर रिजल्ट देखने काे मिल सकते है। वहीं, अगर बात पिछले 4 दिनाें की करें ताे जब से यहां रहने वाली महिला काे काेराेना वायरस हुअा है, तब से एेसा काफी ज्यादा एरिया है जहां पर सफाई तक नहीं हुई।
अब हालात एेसे है कि निगम के डस्टबीन भर गए है अाैर लाेगाें के घराें का जाे कूड़ा है वाे खुले में ही गिर रहा है।
जिससे सफाई नहीं हाेने पर अब यहां अाेर बिमारियां फैलने का डर बना हुअा है। वहीं, पंचकूला में 70 हजार से ज्यादा पब्लिक स्लम एरिया और हाई रिस्क एरिया में रहती है।
इन 70 हजार लोगों में ही ऐेसे कई लोग है जो डेली अलग अलग सेक्टर में लोगों के घरों में काम करते है। जबकि, 20 परसेंट से ज्यादा लोग चंडीगढ़ भी काम करने जाते है। अब बात हाई रिस्क एरिया और स्लम एरिया में बंदोबस्त की करें तो ना के बराबर ही बंदोबस्त है। अगर दौबारा से इन हाई रिस्क अौर स्लम एरिया में रहने वाला कोई व्यक्ति किसी पोजीटिव केस के संपर्क में आता है तो ये सबसे बड़ी लापरवाही भी होगी। इन सभी स्लम एरिया और हाईरिस्क एरिया में रहने वाले करीब 50 प्रतिशत ऐसे लोग हैं जो कि बाहर से आकर यहां पर बसे हुए हैं।
}अाेल्ड पंचकूला से काम करने पहुंचे लाेगाें काे गेट से ही भेजा वापस
लाॅक डाउन के बाद अाेल्ड पंचकूला में भी महिला के पाेजीटिव अाने के बाद लाेगाें काे कहीं अाने जाने के लिए बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। इसके बाद भी कुछ लाेग पुलिस के नाकाें से निकल अपनी फैक्ट्रियाें में काम करने पहुंचे, जिन्हें गेट से ही वापिस भेज दिया। अब जाे लाेग दूसराें के घराें में काम कर रहे है वाे भी घर पर ही है। लाॅक डाउन के बाद से एरिया में पानी की सप्लाई ताे ठीक हाे रही है, लेकिन दूध की शाॅर्टेज हाेने लगी है।
}जहां पॉजीटिव महिला का घर, उसके पास मेडिकल शाॅप पर 50 से 90 वाला मिल रहा मास्क
एक अाेर जहां सरकार ने अब 12 रूपए में केमिस्ट शाॅप संचालकाें काे मास्क देने के लिए बाेल दिया है। वहीं, दूसरी अाेर अाेल्ड पंचकूला में पाेजीटिव केस अाने के बाद अब अास पास के एरिया में 12 रूपए के मास्क मेडिकल दुकानाें पर मिल ही नहीं रहे। अब अाेल्ड पंचकूला के पास माजरी चाैंक अाैर अास पास की कुछ केमिस्ट शाॅप पर 50 से 90 रूपए में मास्क दिए जा रहे है। अाेल्ड पंचकूला के लाेग जब केमिस्ट शाॅप पर मास्क अाैर सेनीटाइजर लेने पहुंचे ताे उन्हें कहा गया कि 10-12 रूपए वाले मास्क उनके पास नहीं है।
}लाॅकडाउन में भी एेसे हालात
-छाेटे-छाेटे घराें में एक ही परीवार के 5 से 10 लाेग रह रहे, इनफैक्शन का ज्यादा खतरा
-तंग गलियाें में अाेपन नालियाें से भी बिमारियाें का खतरा
-लाॅक डाउन के बाद भी ग्रुप में बैठ रहे लाेग अाैर वाे भी बिना फेस कवर किए
-पीने के पानी के लिए एक ही जगह लगता है कई लाेगाें का जमावडा
-सभी जगहों पर ज्यादातर ऐसे हालात है कि भीडे भीडे एरिया में कई घर है।
-24 घंटे कई लोगों के कॉटेक्ट में आते है। सेनेटाइजेशन के स्पेशल अरेंजमेंट नहीं
-लोगों तक मास्क पहुंचाए जाएं, पानी के टैकरों के साथ साबुन का भी बंदोबस्त हो
-ये एरिया विभाग की लिस्ट में हाई रिस्क पर भी है। लॉकडाउन के बाद भी लोग इंडस्ट्रियल एरिया और दूसरी जगहों पर काम करने जा रहे है।
}स्लम और हाई रिस्क एरिया की जनसंख्या
-ओल्ड पंचकूला (गेट नंबर 3 और 4) - 10 से 12 हजार पोपुलेशन
-घग्गर नदी के साथ चौंकी हट्स - 1200 से 1500 पोपुलेशन
-नाडा साहिब गुरूद्वारा के पास - 2 हजार से 2500 पोपुलेशन
-भैंसा टिब्बा और गांधी कालोनी - 4 हजार से 4500 लोगों की पोपुलेशन
-फतेहपुर - 2500 से 3000 लोगों का आबादी
-सेक्टर 20, 21 के पास मद्रासी कालोनी - 3 हजार के करीब लोग
-इंडस्ट्रियल एरिया अभयपुर में - 10 हजार से ज्यादा लोग
-बुढ़नपुर एरिया में -5500 के करीब लोगों की आबादी
-हरिपुर एरिया में -4700 से 5 हजार के करीब आबादी
-सेक्टर 12 रैला/रैली एरिया - 3 हजार से 3500 के करीब आबादी
-राजीव और इंदिरा कालोनी - 9 हजार से 11 हजार के करीब लोग
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