चंडीगढ़ (ननु जोगिंदर सिंह). कोरोना वायरस के चलते लाॅकडाउन हुआ तो लोग घरों में बंद हो गए। सब अपने-अपने तरीके से टाइम पास कर रहे हैं। वहीं, कुछ ऐसे लोग हैं जो खाली बैठकर बोर हो रहे हैं या टेंशन पाल बैठे हैं। ऐसे लोगों की समस्या का हल करने के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी एल्युमनी एसोसिएशन (पीयूएए) के कुछ मेंबर्स ने एक ग्रुप बनाया है। अगर आप अकेले हैं और बोरियत महसूस कर रहे हैं तो इस ग्रुप में किसी से भी बात कर सकते हैं।
एसोसिएशन के 80 मेंबर्स ने अपने फोन नंबर पर ‘गप्पे’ मारने की इजाजत दी है। अपने नंबर इन्होंने वॉट्सएप और अपने फेसबुक पेज पर भी शेअर किए हैं। सभी सीनियर टीचर्स और एडमिनिस्ट्रेशन ऑफिसर वाले ग्रुप को इसी हफ्ते बनाया गया है। हालांकि चैटिंग के लिए पीयूएएए के वॉट्सएप ग्रुप को भी जॉइन किया जा सकता है। डीन एल्युमनी एसोसिएशन प्रो. दीप्ति गुप्ता का कहना है कि ग्रुप में बहुत से ऐसे एक्सपर्ट हैं जो काउंसिलिंग के माहिर हैं। https://ift.tt/2UrAmaP
ये कर रहे काउंसिलिंग
पीयूएए के ग्रुप में स्प्रिचुअल एंड हीलिंग काउंसलर, मोटिवेटर और गाइडेंस काउंसलर, एजुकेटर, काउंसिलिंग एंड मेंटल हेल्थ सर्विस देने वाले, प्रैनिक हीलर, मेडिकल प्रेक्टिशनर, साइकोथेरेपिस्ट के अलावा जनरल डिसकशन वाले लोग भी हैं। चाइल्ड और क्लीनिकल साइकोलॉजी के माहिर भी तीन हैं। पशुओं से जुड़े डिस्ट्रेस का भी एक एक्सपर्ट रखा गया है।
स्टूडेंट बोला- सारा दिन क्यों दीवार को ही देखूं
प्रो. दीप्ति बताती हैं कि उनके पास कई लोगों के फोन आ रहे हैं जो परेशान हैं। पीजी के एक स्टूडेंट ने बताया कि वह घर नहीं जा सका क्योंकि उसके पास जाने के लिए पैसे नहीं थे। पीजी में अकेले बैठे सारा दिन दीवारों को ही देखता है। सीनियर सिटीजन खासतौर पर सिंगल वाले सीनियर सिटीजन ज्यादा परेशान हैं।
दो साल पहले तुमने ये बात मेरी मां को क्यों कही थी
सबसे ज्यादा समस्या यंग कपल्स की है, जिनको इतना समय साथ रहने की आदत ही नहीं है। झगड़ा इस बात को लेकर हो रहा है कि दो साल पहले तुमने ये बात मेरी मां को क्यों कही थी। बर्तन तुम मांजो, क्योंकि मैंने खाना बना दिया है। ऐसी ही छोटी-छोटी बातों पर कई घरों में खींचातनी हो रही है।
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