Friday, March 27, 2020

सुबह 10 से शाम 6 बजे तक खुलेंगी दुकानें, सामान लेने घर से एक ही जाएगा, वह भी पैदल

https://ift.tt/2JmXyAE

चंडीगढ़.अब आपको खाने-पीने का ज्यादा सामान स्टोर करने की जरूरत नहीं है। न ही सामान का इंतजार करने की जरूरत रहेगी। चंडीगढ़ प्रशासन ने लोगों की समस्या को देखते हुए फैसला लिया है कि आज से मार्केट्स में जरूरी सामान की दुकानों खोली जाएंगी। ये सुनिश्चित किया जाएगा कि एक घर से एक व्यक्ति ही सामान लेने के लिए आए, भीड़ न हो।


पिछले तीन दिन से प्रशासन होम डिलिवरी को लेकर काम कर रहा था। इसके कई अफसरों की टीमें बनाई गई थीं। लेकिन लोगों को काफी इंतजार के बाद सामान मिल रहा था। जब गाड़ी आती तो लोगों की लंबी लाइन लग जाती। इसलिए अब आज सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक सभी जरूरी सामान की दुकानें जैसे वेरका बूथ, करियाना शाॅप्स, कैमिस्ट, सब्जी की दुकानें खुल जाएंगी। लोग अपने घरों से इन दुकानों में जा सकते हैं। घर से एक ही शख्स को बाहर आने की परमिशन है, वह भी पैदल। गाड़ी लाए तो वह जब्त कर ली जाएगी।

कई जगहों पर नहीं पहुंच रहा था सामान

ये फैसला इसलिए भी किया गया, क्योंकि प्रशासन के लगभग सभी कर्मी इस समय सिर्फ होम डिलिवरी ही सुनिश्चित करने में जुट गए थे। इसके बावजूद भी कई जगहों से सामान न पहुंचने को लेकर शिकायतें आ रही थी। प्रशासन ने जो टीमें जरूरी सामान लोगों के घरों तक पहुंचाने के लिए बनाई थी, अब उनका काम ये रहेगा कि वे प्रत्येक मार्केट में सोशल डिस्टेंसिंग को मेंटेन करेंगे। लोग घरों से सिर्फ ये सामान लेने के लिए ही जा सकते हैं, जिसके अलावा उनको कर्फ्यू में कोई छूट नहीं मिलेगी।

आटे की थैली कर दी महंगी

एक दिन पहले 10 किलो की जो आटे की थैली 239 की थी, वह अब 300 की कर दी गई है। रायपुरखुर्द के एक रिटेलर ने फूड सप्लाईज डिपार्टमेंट को इसकी शिकायत की है। वह इंडस्ट्रियल एरिया की एक मिल से आटे की थैलियां मंगवाता था।

दुकानें खोलना गलत, अभी भी नहीं संभले तो इटली-चीन जैसे हाल हो जाएंगे: पीजीआई फैकल्टी एसो.

चंडीगढ़ मेंपीजीआई की फैकल्टी एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी अरुण बंसल ने दुकानें खोलने के फैसले को बेबुनियाद बताया है। कहा कि पीजीआई फैकल्टी एसोसिएशन इसका विरोध करती है। यह सोशल डिस्टेंसिंग और क्वारेंटाइन के मकसद को विफल कर देगा। दुकानें खोलने पर सोशल डिस्टेंसिंग को मेंटेन करना मुश्किल है। मेडिकल फर्टिलिटी पहले ही जूझ रही है। इस तरह के फैसले के आएंगे तो वे मरीजों का ख्याल नहीं रख पाएंगे। इस वायरस से बचाव ही इलाज है। अगर हमने अभी न संभाला तो यह इटली, चीन जैसे देशों के बराबर हमारे हाल हो सकते हैं। पीएम ने करोड़ों रुपए मरीजों के लिए राहत पैकेज के लिए घोषित किए हैं। ऐसे में उस पैसे का कोई अर्थ नहीं रह जाएगा। हमें नहीं पता कि किसकी सलाह पर यह फैसला लिया गया है। हम प्रशासन से रिक्वेस्ट करते हैं कि इस फैसले को तुरंत वापस लिया जाए। भाजपा के युवा नेता ने ट्वीट कर लिखा ‘विनाश काले विपरीत बुद्धि’।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
शुक्रवार को चंडीगढ़ सेक्टर-7 में सब्जी बेचने आए हरिओम अपने ग्राहकों से उचित दूरी बनाने की अपील कर रहा था।

https://ift.tt/2WPPnEY

Fluent in Hiring: How Language Skills Boost Talent Acquisition Success

https://ift.tt/9GZEIQF